18, February 2018 4:32 PM
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राष्ट्रीय जन पार्टी अनाथालय और बृद्धआश्रम को एक जगह करने के लिए भारत सरकार से विनती करती है और एक बार विचार विमर्श करने के लिए आग्रह करती अनाथालय और वृध्दाआश्रम यही वो दो जगह हैं जिनका कोई नहीं होता शरण मिलती हैं। अब बात करते हैं अनाथालय और वृध्दाश्रम की….. (1) अनाथालय- जिनके माता-पिता नही होते है उन बच्चों को भेजा जाता है, और वह बच्चे माँ-बाप के प्यार से वंचित रह जाते हैं । तो क्यों न इस पर एक पहल की जाये ।

राष्ट्रीय जन पार्टी

राष्ट्रीय जन पार्टी अनाथालय और बृद्धआश्रम को एक जगह करने के लिए भारत सरकार से विनती करती है और एक बार विचार विमर्श करने के लिए आग्रह करती अनाथालय और वृध्दाआश्रम यही वो दो जगह हैं जिनका कोई नहीं होता शरण मिलती हैं।
अब बात करते हैं अनाथालय और वृध्दाश्रम की…..
(1) अनाथालय- जिनके माता-पिता नही होते है उन बच्चों को भेजा जाता है, और वह बच्चे माँ-बाप के प्यार से वंचित रह जाते हैं । तो क्यों न इस पर एक पहल की जाये ।
(2) वृध्दाआश्रम- वृध्दाआश्रम मतलब जिदंगी के बाकी दिनों का गुजारा करना । जब माँ-बाप बूढ़े हो जाते है और जिनकी देख-भाल सेवा नही कर पाते है । इसलिए बूढ़े माता-पिता को वृध्दाआश्रम भेज आते है । बूढ़े माँ-बाप को मजबूर हो कर बच्चों से दूर रह कर रहना पडता हैं और बच्चों के प्यार से वंचित रह जातें हैं । इन्ही सब बातो को देखकर, समझकर मैंने सोचा क्यों ना अनाथालय और वृध्दाआश्रम एक जगह हो जाये । इससे जिन बच्चों को माँ-बाप का प्यार नही मिल पाता ,माँ-बाप का प्यार मिल जायेगा। और दूसरी तरफ जिन बूढ़ों को बच्चों का प्यार स्नेह नहीं मिलता । उन बूढों को बच्चों का स्नेह मिल जायेगा।
मैंने देखा है अपने दादा-दादी जी को जब भी वो हमारे साथ खेलते थे एक अलग ही हमे खुशी मिलती थी । और उनके चेहरे पर भी खुशी झूम उठते थे । यही सोच कर उन तमाम बूढ़े और बच्चों के चेहरे पर खुशी ला सकते है यदि अनाथालय और वृध्दाआश्रम एक साथ हो जाये ।
राष्ट्रीय जन पार्टी की यही सोच समाज हित में जारी

Written by लवलेश पाण्डेय - Visit Website
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